तब मैंने निधि को इशारा किया तो वो दो कफ्फ और लाई और तपिश के पैरों को भी पोल से बांध दिया।
मैंने तपिश का लोड़ा चूस चूस कर ऐसा मदहोश किया हुआ था कि उसे पता नहीं चला।
अब मैंने यश को इशारा किया और वो निधि की चूत चाटने लगा।
उसने नीचे बैठ कर निधि का पैर अपने कंधे पर रखा और निधि की चूत चाटने लगा।

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